- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
नवरात्र: देवी मंदिरों में तैयारी, गाइडलाइन का इंतजार
उज्जैन। शारदीय नवरात्र 7 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली हैं। इसे लेकर शहर में तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि शासन-प्रशासन की गाइडलाइन नहीं आने से सांस्कृतिक कार्यक्रम और गरबा आयोजनों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हैं।
अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर 7 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। उज्जैन में शक्तिपीठ हरसिद्धि तथा प्राचीन देवी मंदिरों के चलते नवरात्रि विशेष मानी जाती है। आठ दिन तक देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर, भूखी माता व गढ़कालिका माता मंदिर में दीपमालिका प्रज्वलित होंगी। सार्वजनिक पंडलों में भी देवी की मूर्तियों को विराजित कर पूजा-अर्चना की जाएगी।
मंदिरों में रंगरोगन
देवी मंदिरों में रंगरोगन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने देवी आराधना का पर्व कोविड नियमों के तहत मनाने का निर्देश दिए हैं। शासन ने कोई अलग से गाइडलाइन जारी नहीं कि है, लेकिन माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के चलते अधिक लोगों के एकत्र होने तथा गरबा आदि पर रोक रहेगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन ने मूर्तिकारों को भी मिट्टी की मूर्ति बनाने के निर्देश दिए हैं।